लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के शहीद स्मारक पर शिया मुस्लिम समुदाय ने सऊदी अरब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी की और इजरायल व अमेरिका के खिलाफ विरोध जताया।
प्रदर्शन के दौरान बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीर को जमीन पर रखकर उस पर विरोध जताया गया। इस पूरे आंदोलन की अगुवाई मौलाना यासूब अब्बास ने की।
प्रदर्शनकारियों ने सऊदी अरब में स्थित जन्नतुल बकी के पुनर्निर्माण की मांग को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान प्रतीकात्मक रूप से खून से पत्र लिखकर सऊदी हुकूमत तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की गई और मातम भी किया गया।
बताया गया कि हर साल अरबी कैलेंडर के आठ शव्वाल को ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से इस तरह का प्रदर्शन किया जाता है, ताकि जन्नतुल बकी के पुनर्निर्माण के मुद्दे को उठाया जा सके।
मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि वर्ष 1925 में सऊदी शासकों ने पैगंबर मोहम्मद के परिजनों की कब्रों और मजारों को जन्नतुल बकी में ध्वस्त करवा दिया था। उन्होंने इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए पुनर्निर्माण की मांग दोहराई।
उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि वह सऊदी अरब पर दबाव बनाए या शिया समुदाय को स्वयं निर्माण की अनुमति दिलाने में मदद करे।
प्रदर्शन के दौरान स्वामी सारंग ने भी बयान दिया कि जिस तरह अयोध्या में राम मंदिर बना, उसी तरह जन्नतुल बकी का भी निर्माण कराया जाएगा। उनके इस बयान के बाद माहौल कुछ देर के लिए गर्म हो गया।
मौलाना ने यह भी बताया कि हर साल खून से लिखे गए पत्र सऊदी दूतावास को भेजे जाते हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।