लखनऊ न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश में मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को लेकर राज्य स्तर समन्वयक (एसएलसी) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि राज्य में फिलहाल ईंधन की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य और पर्याप्त है। जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि प्रदेशभर में 4,143 एलपीजी वितरक सक्रिय हैं, जो करीब 4.85 लाख उपभोक्ताओं को सेवा दे रहे हैं।
एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए 36 बॉटलिंग प्लांट कार्यरत हैं, जहां तेल विपणन कंपनियां औसतन चार दिनों का स्टॉक बनाए रखती हैं। एसएलसी संजय भंडारी के अनुसार, प्रदेश में रोजाना 10 से 11 लाख एलपीजी बुकिंग होती हैं, जबकि करीब 7 लाख सिलेंडरों की डिलीवरी की जाती है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जरूरत के अनुसार ही गैस बुक करें और पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक कराएं।
ईंधन की उपलब्धता पर जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रदेश में लगभग 13,168 पेट्रोल पंप संचालित हैं। इन पंपों पर औसतन पांच दिनों का पेट्रोल और डीजल स्टॉक मौजूद है, जबकि तेल कंपनियों के डिपो में 16 से 17 दिनों का अतिरिक्त भंडार सुरक्षित है। इस तरह कुल मिलाकर 20 से 22 दिनों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जो सामान्य स्तर से अधिक है।
अधिकारियों ने साफ किया कि पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सभी रिटेल आउटलेट्स पर बिना किसी बाधा के जारी है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अनावश्यक खरीदारी और जमाखोरी से बचें, क्योंकि आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुचारू है और सार्वजनिक सहयोग से ही व्यवस्था को संतुलित रखा जा सकता है।