लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ में स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली अब जनता के लिए जी का जंजाल बनती जा रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों में तकनीकी खामियों और बिलिंग की समस्याओं के कारण नागरिक, विशेषकर महिलाएं, सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। हाल ही में अहिबरनपुर और शिवनगर जैसे इलाकों में 11 केवी लाइन में खराबी और तकनीकी समस्याओं के चलते घंटों बिजली गुल रही, जिससे भीषण गर्मी में लोगों का बुरा हाल हो गया।
स्मार्ट मीटर की इन परेशानियों को लेकर मनकामेश्वर वार्ड की बड़ी संख्या में महिलाएं स्थानीय पार्षद रंजीत सिंह यादव के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंचीं। महिलाओं का आरोप है कि जब से नए स्मार्ट मीटर लगे हैं, उनके बिजली बिल अचानक दोगुने आने लगे हैं। सबसे गंभीर समस्या यह है कि बिना किसी पूर्व सूचना के प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदल दिया गया है, और बिल 'माइनस' में जाते ही बिना किसी चेतावनी के कनेक्शन काट दिया जाता है।
पार्षद रंजीत सिंह यादव ने बताया कि अंबेडकर नगर, जोशी टोला, नेहरू नगर और कुतुबपुर जैसी गरीब बस्तियों के लोग इस व्यवस्था से बेहद त्रस्त हैं। महिलाओं ने आक्रोश जताते हुए कहा कि वे सरकार की समर्थक रही हैं, लेकिन विभाग की इस कार्यशैली से गरीबों का शोषण हो रहा है। पार्षद ने महिलाओं की नाराजगी को देखते हुए मौके से ही विधायक डॉ. नीरज बोरा से फोन पर उनकी बात करवाई और मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।
विधायक डॉ. नीरज बोरा ने महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और बिजली विभाग के अधिकारियों से बात कर समस्या का स्थायी समाधान निकालने का आश्वासन दिया। विधायक के भरोसे के बाद ही महिलाएं शांत होकर वापस लौटीं। फिलहाल, शहर में स्मार्ट मीटर के खिलाफ बढ़ता यह असंतोष विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है, क्योंकि लोग अब इन मीटरों को हटवाने की मांग पर अड़ गए हैं।