लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के विकासनगर इलाके की एक झुग्गी बस्ती में बुधवार शाम भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते सैकड़ों झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। इस हादसे के दौरान मची अफरातफरी के बीच लोग अपने सामान को बचाने और सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
सघन बसी इस बस्ती में आग ने तेजी से विकराल रूप धारण किया और लगभग 300 से अधिक झोपड़ियों को राख कर दिया। आग की तीव्रता उस समय और बढ़ गई जब बस्ती में रखे एलपीजी सिलेंडरों में एक के बाद एक कई छोटे विस्फोट होने लगे। इन धमाकों के कारण दमकल कर्मियों के लिए प्रभावित क्षेत्र में प्रवेश करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया, जिससे बचाव कार्य में काफी बाधा आई।
दमकल विभाग की 20 गाड़ियों और 120 से अधिक कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस बल ने भी स्थानीय निवासियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए मोर्चा संभाला। हालांकि, गुरुवार सुबह मलबे की तलाशी के दौरान एक हृदयविदारक सच्चाई सामने आई, जब बचाव दल ने दो मासूम बहनों के झुलसे हुए शव बरामद किए। मृतकों की पहचान दो वर्षीय श्रुति और उसकी दो महीने की छोटी बहन के रूप में हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घटना पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत और पुनर्वास कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और प्रशासन को हर संभव मदद सुनिश्चित करने के आदेश दिए। फिलहाल अधिकारी नुकसान का आकलन करने और भगदड़ के दौरान बिछड़े लोगों का पता लगाने में जुटे हैं।