लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के बाहरी क्षेत्र स्थित तरोना गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक घटना में सात वर्षीय बच्ची की कथित तौर पर आवारा कुत्तों के हमले में मौत हो गई। बच्ची की पहचान अंशिका विश्वकर्मा के रूप में हुई है। उसका शव घर से करीब 150 मीटर दूर झाड़ियों में मिला, जिससे पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल है।
पुलिस के अनुसार, शाम करीब 6:30 बजे अंशिका अकेले शौच के लिए झाड़ियों की ओर गई थी। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में निकले। खोजबीन के दौरान झाड़ियों में उसका क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला, जबकि कुछ आवारा कुत्ते थोड़ी दूरी पर खड़े दिखाई दिए। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों के सहारे कुत्तों को वहां से भगाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में शरीर पर गहरे काटने के निशान पाए गए हैं, खासकर चेहरे और हाथों पर। हालांकि पुलिस का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। रहीमाबाद थाने के एसएचओ अरुण कुमार ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि हमला आवारा कुत्तों ने किया या किसी अन्य जानवर ने।
अंशिका किसान दिलीप कश्यप की तीन संतानों में सबसे छोटी थी और कक्षा एक की छात्रा थी। पिता ने बताया कि वह आमतौर पर अपनी बड़ी बहन के साथ बाहर जाती थी, लेकिन उस दिन अकेले चली गई। उन्होंने गांव में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या पर चिंता जताते हुए प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की है। उल्लेखनीय है कि जनवरी में मुरादाबाद में भी इसी तरह की घटना में तीन वर्षीय बच्ची की जान चली गई थी।