लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र के अस्ती गांव में गुरुवार तड़के करीब 3 बजे प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा के बीच एक पुराने मस्जिद ढांचे को ध्वस्त कर दिया। बुलडोजरों की आवाज से गांव की खामोशी टूटी, जब ज्यादातर लोग नींद में थे। भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में यह पूरी कार्रवाई करीब एक घंटे के भीतर पूरी कर ली गई।
प्रशासन के मुताबिक यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट, लखनऊ बेंच के आदेश के बाद की गई। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित ढांचा ग्राम सभा की ‘खलिहान’ जमीन पर अवैध रूप से बना था। इस मामले में करीब दो साल तक कानूनी प्रक्रिया चली, जिसके बाद अदालत ने प्रशासन के फैसले को सही ठहराया और अतिक्रमण हटाने का रास्ता साफ किया।
अधिकारियों ने बताया कि संभावित विरोध की आशंका के चलते ऑपरेशन को देर रात अंजाम दिया गया, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। एडीएम (प्रशासन) राकेश सिंह और एसडीएम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। तीन बुलडोजरों की मदद से ढांचे को गिराकर मलबा भी तुरंत हटा दिया गया और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।
हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि मस्जिद करीब 60 साल पुरानी थी और वहां नियमित रूप से नमाज अदा की जाती थी। उनका कहना है कि उन्हें पूरी तरह से अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला। वहीं प्रशासन का कहना है कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण हटाना जरूरी था और कोर्ट के आदेश के बाद ही यह कार्रवाई की गई।