लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ में सीएम हेल्पलाइन कर्मचारियों के प्रदर्शन का असर दूसरे दिन भी जारी रहा। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। इन वीडियो में महिला कर्मचारियों के साथ पुलिस की सख्ती साफ दिखाई दे रही है, जिसके बाद अब विवाद सिर्फ वेतन तक सीमित नहीं रहकर व्यवहार और कार्रवाई के तरीके पर भी केंद्रित हो गया है।
वायरल फुटेज में देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी महिला कर्मचारियों को जबरन बसों में बैठाने की कोशिश कर रहे हैं। कई महिलाएं विरोध करती हुई नजर आ रही हैं, तो कुछ जमीन पर बैठकर नारेबाजी कर रही हैं। इसी दौरान धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिससे लोगों में नाराजगी भी बढ़ गई है।
दरअसल, यह प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब सीएम हेल्पलाइन से जुड़े 200 से अधिक कर्मचारी वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। ‘1076 हाय-हाय’ के नारे लगाते हुए ये कर्मचारी मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए सख्त कदम उठाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 7000 रुपये की मासिक सैलरी में गुजारा करना बेहद मुश्किल है, खासकर महिला कर्मचारियों के लिए। उनका आरोप है कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी था और उसी के तहत कार्रवाई की गई।