लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ में कई गर्ल्स स्कूलों के बाहर खुलने और छुट्टी के समय लगने वाले ट्रैफिक जाम और सुरक्षा जोखिमों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गहरी चिंता जताई है। स्टेशन रोड, चारबाग स्थित एपी सेन मेमोरियल गर्ल्स पीजी कॉलेज का उदाहरण सामने आने के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मुद्दे पर कार्रवाई कर अगली सुनवाई तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने शहर के प्रमुख स्कूलों के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने से जुड़े सुझावों पर भी विचार किया। इसी क्रम में कोर्ट ने अगली तारीख पर पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) को तलब करते हुए उनसे समाधान संबंधी सुझाव मांगे हैं। साथ ही, संबंधित स्कूलों को भी एमिकस क्यूरी के माध्यम से अपने-अपने सुझाव पेश करने के लिए कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को तय की गई है।
जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस बी.आर. सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश गोमती रिवर बैंक रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। इस याचिका में स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ स्कूलों के आसपास अव्यवस्थित पार्किंग और बढ़ते ट्रैफिक जाम का मुद्दा उठाया गया है।
पिछले आदेश के अनुपालन में सीएमएस स्टेशन रोड, सीएमएस गोमती नगर एक्सटेंशन, सीएमएस गोमती नगर-1, सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल, ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज और लोरेटो कॉन्वेंट इंटर कॉलेज के प्रतिनिधि कोर्ट में पेश हुए। हालांकि, कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद स्कूल परिसरों के भीतर पार्किंग सुनिश्चित करने के सुझावों को पूरी गंभीरता से लागू नहीं किया गया, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।