लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ यूनिवर्सिटी के दूसरे परिसर स्थित गंगा गर्ल्स हॉस्टल में गुरुवार को भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा, जब कथित रूप से मेस का खाना खाने के बाद दो और छात्राएं बीमार पड़ गईं। छात्राओं का आरोप है कि लंबे समय से अस्वच्छ भोजन और खराब व्यवस्थाओं की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
हॉस्टलर काशिश ने बताया कि गंदे भोजन की वजह से कई छात्राएं अस्वस्थ हुईं। उनका आरोप है कि शिकायत करने पर कार्रवाई के बजाय उन्हें धमकाया गया और प्रोवोस्ट के खिलाफ दी गई शिकायतों पर भी ध्यान नहीं दिया गया। इस बीच, मामले से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने हॉस्टल पहुंचकर निरीक्षण किया।
एफएसडीए अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि मेस से खाद्य नमूने एकत्र किए गए हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हंगामे के बीच विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने हॉस्टल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कमरों, कॉमन एरिया और मेस की व्यवस्था का जायजा लिया तथा भोजन परोसने के लिए महिला कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण विभाग को संरचनात्मक खामियां तत्काल दुरुस्त करने को कहा।
कुलपति ने मेस व्यवस्था की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित करने और ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बाद में उन्होंने विधि संकाय और होमी जहांगीर भाभा बॉयज हॉस्टल में छात्रों से मुलाकात की और अतिरिक्त मुख्य प्रोवोस्ट को छात्रावासों में रोजाना बैठक करने के निर्देश दिए, ताकि समस्याओं का समय रहते समाधान हो सके।