लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ यूनिवर्सिटी के कैंपस में स्थित ऐतिहासिक लाल बारादरी को लेकर इन दिनों माहौल गरम है। छात्रों का कहना है कि रमज़ान के दौरान यहां मौजूद मस्जिद को अचानक सील कर दिया गया, जिससे मुस्लिम छात्र नमाज़ अदा नहीं कर सके। इस फैसले के विरोध में कई छात्र संगठनों ने धरना दिया और प्रशासन पर बिना सूचना कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
समाजवादी छात्र सभा (एससीएस), भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) और अखिल भारतीय छात्र संघ (एआईएसए) से जुड़े छात्रों ने लाल बारादरी के बाहर मानव श्रृंखला बनाकर नमाज़ पढ़ रहे छात्रों को सहयोग दिया। उनका कहना है कि यह कदम “गंगा-जमुनी तहज़ीब” और आपसी भाईचारे का संदेश देने के लिए उठाया गया। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब साझा किया गया।
छात्र नेताओं का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के मस्जिद के दरवाजों को वेल्डिंग कर बंद कर दिया गया। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय की शुरुआत से ही यहां नमाज़ अदा होती रही है, इसलिए अचानक ऐसा फैसला लेना ठीक नहीं है। छात्रों ने बाहर ही इफ्तार का आयोजन कर सांप्रदायिक सौहार्द दिखाने की कोशिश की।
वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि लाल बारादरी की इमारत काफी जर्जर हालत में है और हाल ही में एक दीवार गिरने की घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनज़र अंदर प्रवेश पर रोक लगाई गई है। प्रशासन के अनुसार यह कदम किसी धर्म विशेष को निशाना बनाकर नहीं, बल्कि छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।