लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ में पुलिस ने एक ऐसे ट्रांसजेंडर गैंग का पर्दाफाश किया है जो शादी-ब्याह के नाम पर 'नेग' मांगने के बहाने महिलाओं को अपना निशाना बनाता था। दक्षिण जोन पुलिस ने मंगलवार को इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से लूटे गए गहने और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की है।
एडीसीपी (साउथ) वसंत कुमार के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों की पहचान अजय रावत उर्फ रानी (ट्रांसजेंडर), आकाश गुप्ता उर्फ कमोलिका/कम्मो (ट्रांसजेंडर) और रफीक अहमद के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक सोने का मंगलसूत्र और कान के दो जोड़े बरामद किए हैं।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गैंग कार में सवार होकर अकेले चलने वाली महिलाओं या उन घरों को टारगेट करता था जहाँ महिलाएं मौजूद होती थीं। आरोपी पहले पीड़ितों से आसपास हो रहे शादी-समारोहों के बारे में पूछते थे, फिर उनसे 'नेग' के नाम पर मोटी रकम की मांग करते थे।
एसीपी (कृष्णा नगर) रजनीश वर्मा ने बताया कि यदि कोई महिला या परिवार पैसे देने से इनकार करता, तो ये लोग हंगामा करते, अभद्र व्यवहार करते और डरा-धमकाकर जबरन गहने व नकदी छीनकर फरार हो जाते थे।
सोमवार को दो महिलाओं को बनाया था शिकार
आरोपियों ने सोमवार की सुबह ही दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम दिया था। पहले इन्होंने गढ़ी इलाके में ममता नाम की महिला को लूटा और कुछ मिनटों बाद ही बिजनौर के आनंद विहार कॉलोनी निवासी विभा यादव को अपना निशाना बनाया। फिलहाल, पुलिस ने गिरोह के पास से बरामद गाड़ी को सीज कर लिया है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि अन्य वारदातों का भी पता लगाया जा सके।