लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ पुलिस ने मानव तस्करी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो नवजात शिशुओं को मोटी रकम में बेचने का गोरखधंधा चला रहा था। मड़ियांव थाना प्रभारी शिवानंद मिश्रा की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया और तीन महिलाओं समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से एक नवजात शिशु को भी बरामद किया है। जांच में सामने आया कि गिरोह बीते एक साल से राजधानी लखनऊ में सक्रिय था और नवजात लड़कियों को 5 लाख रुपये तथा लड़कों को 3 लाख रुपये में बेचता था।
इस गिरोह के सदस्य अस्पतालों और प्रसूताओं पर नजर रखते थे। वे गरीब महिलाओं और अविवाहित माताओं को लालच देकर उनके नवजात शिशुओं को खरीदते थे और फिर जरूरतमंद दंपतियों को ऊंचे दामों पर बेच देते थे। गिरोह खासतौर पर उन दंपतियों को निशाना बनाता था, जो संतान सुख से वंचित थे और कानूनी प्रक्रिया से बचकर जल्द से जल्द बच्चा गोद लेना चाहते थे। पुलिस की छानबीन में खुलासा हुआ कि गिरोह लखनऊ के अलग-अलग इलाकों में अपना नेटवर्क फैला चुका था और लंबे समय से इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विनोद सिंह (गोंडा), डॉ. अल्ताफ (मड़ियांव), नीरज कुमार गौतम (सीतापुर), कुसुम देवी (विकासनगर, लखनऊ), संतोष कुमारी (सीतापुर), और शर्मा देवी (लखनऊ) के रूप में हुई है। इन सभी पर नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है और यह जांच कर रही है कि अब तक कितने नवजातों की तस्करी की जा चुकी है। इस मामले ने मानव तस्करी के बढ़ते नेटवर्क को लेकर चिंता बढ़ा दी है और पुलिस इसकी तह तक जाने में जुटी हुई है।