एक उपभोक्ता द्वारा ब्लिंकिट से मंगाई गई दही खाने के बाद तबीयत खराब होने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नियामक संस्था ने सख्त रुख अपनाते हुए ब्लिंकिट मैनेजमेंट से 24 घंटे के भीतर इस पूरे मामले पर एक विस्तृत रिपोर्ट (Detailed Report) सौंपने को कहा है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक ग्राहक ने ब्लिंकिट ऐप के जरिए अपने घर पर दही का ऑर्डर दिया था। उपभोक्ता का दावा है कि इस दही का सेवन करने के तुरंत बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे मेडिकल इमरजेंसी का सामना करना पड़ा। ग्राहक द्वारा आधिकारिक शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद FSSAI ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी।
सूत्रों के मुताबिक, FSSAI ने अपने नोटिस में ब्लिंकिट से विशेष रूप से यह स्पष्ट करने को कहा है कि:
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पीड़ित ग्राहक की शिकायत मिलने के बाद कंपनी ने आंतरिक स्तर पर क्या त्वरित कार्रवाई की?
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जिस डार्क स्टोर (Dark Store) या वेंडर से यह प्रोडक्ट सप्लाई हुआ था, उसकी गुणवत्ता जांच की स्थिति क्या है?
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भविष्य में उपभोक्ताओं को ऐसे दूषित या खराब खाद्य उत्पादों की डिलीवरी रोकने के लिए कंपनी क्या पुख्ता कदम उठा रही है?
सोशल मीडिया पर भी उठ रहे हैं सवाल
FSSAI ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि ब्लिंकिट के खिलाफ यह कोई पहला या इकलौता मामला नहीं है। पिछले कुछ समय में कंपनी के खिलाफ खराब, अस्वच्छ (Unhygienic) और डैमेज्ड फूड प्रोडक्ट्स की डिलीवरी को लेकर शिकायतों की बाढ़ आ गई है।
अथॉरिटी के अनुसार, कई उपभोक्ताओं ने सीधे उनके पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कराई हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे X और इंस्टाग्राम) पर खराब गुणवत्ता वाली सामग्री की तस्वीरें और वीडियो साझा कर रहे हैं।
गंभीर आरोपों पर एक नज़र:
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एक्सपायरी डेट की समस्या: कई ग्राहकों का आरोप है कि उन्हें ऐसे प्रोडक्ट्स डिलीवर किए जा रहे हैं जो एक्सपायरी डेट के बेहद करीब होते हैं।
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कोल्ड चेन का टूटना: डेयरी प्रोडक्ट्स, फ्रोजन फूड और मीट जैसे संवेदनशील खाद्य पदार्थों को एक निश्चित तापमान पर रखना जरूरी होता है। 10-15 मिनट की एक्सप्रेस डिलीवरी के चक्कर में कोल्ड चेन के नियमों की अनदेखी हो रही है, जिससे दही, दूध जैसी चीजें रास्ते में या स्टोर में ही खराब हो जाती हैं।
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खराब पैकेजिंग: डिलीवरी पार्टनर्स द्वारा जल्दबाजी में सामान पहुंचाने के कारण कई बार फूड पैकेट्स फट जाते हैं या डैमेज हो जाते हैं, जिससे बाहरी बैक्टीरिया भोजन को दूषित कर देते हैं।
लगातार मिल रहे इन इनपुट्स के बाद FSSAI अब क्विक कॉमर्स कंपनियों के वेयरहाउस और डार्क स्टोर्स की औचक जांच (Surprise Inspection) करने की योजना बना रही है। यदि ब्लिंकिट 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब देने में विफल रहती है, तो उस पर भारी वित्तीय जुर्माना लगाने से लेकर उसके कुछ डार्क स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित करने तक की सख्त कार्रवाई की जा सकती है।