लखनऊ न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाई स्कूल और इण्टरमीडिएट परीक्षा बुधवार से शुरू हो रही हैं और 12 मार्च को समाप्त होंगी। इस वर्ष कुल 53.37 लाख परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिसमें 27.61 लाख हाई स्कूल और 25.76 लाख इण्टरमीडिएट के छात्र शामिल हैं। पूरे प्रदेश में 8,033 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 596 सरकारी, 3,453 सरकारी सहायता प्राप्त और 3,984 स्व-वित्तपोषित स्कूल शामिल हैं।
प्रदेश के लखनऊ स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में मंगलवार को राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन करते हुए माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी ने बताया कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह से तकनीकी और पारदर्शी बनाई गई है। नकल रोकने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सभी विषयों के लिए रिज़र्व प्रश्नपत्र सेट डबल लॉक अलमारी में सुरक्षित रखे गए हैं। उत्तर पुस्तिकाओं में चार रंगों वाले सीरियल नंबर, बोर्ड का लोगो और सूक्ष्म “UPMSP” अंकन है, जिससे किसी प्रकार की स्वैपिंग की संभावना समाप्त हो जाती है।
परीक्षा की निगरानी के लिए प्रत्येक कक्षा में दो CCTV कैमरे वॉइस रिकॉर्डिंग के साथ लगाए गए हैं, साथ ही राउटर, DVR और हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। पूरे परीक्षा अवधि की लाइव वेबकास्टिंग के माध्यम से निगरानी की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम, प्रश्नपत्र वितरण कक्ष और उत्तर पुस्तिका सील-पैकिंग रूमों की ऑनलाइन निगरानी भी की जाएगी। 18 जिलों को संवेदनशील घोषित किया गया है, 222 परीक्षा केंद्र अत्यधिक संवेदनशील और 683 संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं।
छात्रों और अभिभावकों की सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन जारी की गई है: 18001806607 और 18001806608। इसके अतिरिक्त यूपी बोर्ड, प्रयागराज के टोल-फ्री नंबर 18001805310 और 18001805312 भी उपलब्ध हैं। राज्य मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है और सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को आत्मविश्वास और निडर होकर परीक्षा देने की अपील की।