लखनऊ न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2025 के दौरान नकल और फर्जीवाड़े के मामलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन दिनों में 12 एफआईआर दर्ज की हैं और नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। परीक्षा बुधवार को संपन्न हुई, जिसमें राज्य के 75 जिलों के 1,183 परीक्षा केंद्रों पर 21.92 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने बताया कि कड़ी निगरानी और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के चलते कई संदिग्ध गतिविधियों का समय रहते पता लगाया गया।
गौतमबुद्ध नगर के दादरी थाना क्षेत्र में एटा निवासी एक अभ्यर्थी को ई-केवाईसी सत्यापन के दौरान कथित रूप से फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया। वहीं अलीगढ़ के एक परीक्षा केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंचे युवक को नकली पहचान पत्रों के साथ गिरफ्तार किया गया। कानपुर में भी दस्तावेज सत्यापन के दौरान एक अभ्यर्थी पर फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का संदेह होने पर कार्रवाई की गई।
पुलिस ने परीक्षा से जुड़ी भ्रामक और गलत जानकारी फैलाने वालों पर भी शिकंजा कसा। लखनऊ के हुसैनगंज थाने में यूट्यूब और इंस्टाग्राम अकाउंट संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इन पर भर्ती परीक्षा से संबंधित भ्रामक सामग्री प्रसारित करने का आरोप है। मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2008 और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) के अनुसार 28.86 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 75.94 प्रतिशत यानी 21.92 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। बोर्ड ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बताया तथा कहा कि बायोमेट्रिक सत्यापन, ई-केवाईसी, सीसीटीवी निगरानी और साइबर मॉनिटरिंग की मदद से बड़े स्तर पर किसी भी गड़बड़ी को रोका गया। बोर्ड ने दोहराया कि नकल, प्रतिरूपण और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।