लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ बड़े स्तर पर जांच अभियान शुरू कर दिया गया है। प्रशासन, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की संयुक्त टीमें विभिन्न जिलों में भवन मानचित्र, फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास और पंजीकरण की जांच कर रही हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कई संस्थानों को सील कर दिया गया है।
लखनऊ में एलडीए, फायर विभाग और बिजली विभाग की टीमों ने कई शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया। गोमतीनगर के विराट खंड स्थित एक बड़े कोचिंग संस्थान को भवन मानचित्र से विचलन, सेटबैक क्षेत्र में अतिक्रमण और आपातकालीन निकासी व्यवस्था में खामियां मिलने पर सील कर दिया गया। वहीं अलीगंज-कपूरथला क्षेत्र में भी कम से कम छह कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई की गई।
मथुरा, जालौन, गौतमबुद्ध नगर और बहराइच में भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मथुरा में छह कोचिंग सेंटर, चार लाइब्रेरी, दो होटल और वृंदावन के 16 गेस्ट हाउस सील किए गए। जालौन के उरई में एक दर्जन से अधिक कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई हुई, जबकि गौतमबुद्ध नगर में नौ कोचिंग सेंटर और एक होटल को सील कर दिया गया। कई संस्थानों को सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर नोटिस जारी किए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, भवन की व्यावसायिक स्वीकृति, सीढ़ियों और आपातकालीन निकास की व्यवस्था तथा आवश्यक लाइसेंस और पंजीकरण की जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।