लखनऊ न्यूज डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार को लखनऊ के कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट में प्रस्तावित नाइट सफारी और जूलॉजिकल पार्क परियोजना को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने कहा कि विकास कार्यों को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता और पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलन बनाकर परियोजना को पूरा किया जा सकता है।
हालांकि, कोर्ट ने सरकार के लखनऊ चिड़ियाघर को कुकरैल शिफ्ट करने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। इसके अलावा जंगल से होकर गुजरने वाली सड़क को चार लेन की बजाय सिर्फ दो लेन तक चौड़ा करने की अनुमति दी गई। संवेदनशील क्षेत्र को देखते हुए एडवेंचर जोन, ट्राम सेवा और नाइट फॉरेस्ट एक्सपीरियंस जैसी योजनाएं भी रद्द कर दी गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि परियोजना को सेंट्रल जू अथॉरिटी (CZA) के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। साथ ही पर्यावरणीय नियमों की निगरानी के लिए एक ओवरसाइट कमेटी बनाई जाएगी, जो समय-समय पर परियोजना का निरीक्षण करेगी।
कोर्ट ने पेड़ों की कटाई को लेकर भी सख्त शर्तें लगाई हैं। केवल जरूरी पेड़ ही काटे जा सकेंगे और प्रत्येक एक पेड़ के बदले 10 नए पेड़ लगाने होंगे। इसके साथ ही परियोजना के डिजाइन और निर्माण में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।