लखनऊ न्यूज डेस्क: 18वें दस्तक यूथ फेस्टिवल का दूसरा चरण शुक्रवार को शुरू हुआ, जिसका मुख्य फोकस पर्यावरण जागरूकता और युवा नेतृत्व वाली सतत विकास पहलों पर रहा। इस पहल का उद्देश्य छात्रों और आम जनता को सृजनात्मक और सरल माध्यमों से पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना है।
फेस्टिवल के तहत कम से कम 55 कॉलेजों में ईको क्लब स्थापित किए जाएंगे, जहां छात्र शॉर्ट फिल्म, नाटिका, नुक्कड़ नाटक, थीम आधारित प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों के जरिए जागरूकता फैलाएंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन यूपी पर्यटन विभाग, युवा क्लब और ईको-टूरिज्म इनिशिएटिव्स के सहयोग से किया जा रहा है। इसके माध्यम से छात्र जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और ईको-टूरिज्म जैसे मुद्दों पर समाज में जागरूकता बढ़ाएंगे।
फेस्टिवल के संस्थापक दीपक कबीर ने कहा, “छात्र सशक्त परिवर्तनक हैं। उन्हें कंटेंट बनाने और गतिविधियां आयोजित करने का अवसर देकर हम सहपाठी शिक्षण और सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित कर रहे हैं।” सह-संस्थापक संगीता जायसवाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और पानी की कमी जैसी चुनौतियों के मद्देनजर यह फेस्टिवल कॉलेज परिसरों को पर्यावरणीय गतिविधियों का केंद्र बनाने का प्रयास है।
जीतने वाली टीमें 21 मार्च को आयोजित समापन समारोह में सम्मानित की जाएंगी, जो विश्व वन दिवस के अवसर पर होगा। इस फेज़ का उद्देश्य युवाओं को सतत और हरित भविष्य के लिए सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।