लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के महज 13 दिन बाद उन्नाव में सड़क के एक हिस्से की ऊपरी परत खिसकने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सड़क धंसने की बात से इनकार करते हुए इसे केवल तकनीकी समस्या बताया है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि उन्नाव के कोरारी इलाके में करीब 40 मीटर लंबे हिस्से की केवल ऊपरी वियरिंग कोट (Wearing Coat) में स्लिपेज हुआ था। उन्होंने कहा कि इसे सड़क धंसना नहीं कहा जा सकता, क्योंकि सड़क की नींव और नीचे की मिट्टी पूरी तरह सुरक्षित है।
अधिकारियों के अनुसार, रविवार शाम 5 बजे से पहले ही मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया और इसके बाद यातायात सामान्य रूप से शुरू कर दिया गया। एनएचएआई का कहना है कि लंबे बिटुमिनस (डामर) मार्गों पर इस तरह की तकनीकी समस्या कभी-कभी सामने आ सकती है, जबकि कंक्रीट सड़कों पर यह अपेक्षाकृत कम देखने को मिलती है।
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब क्षतिग्रस्त हिस्से का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सबसे पहले समाजवादी पार्टी के एक स्थानीय कार्यकर्ता ने साझा किया, जिसे बाद में पार्टी के मीडिया सेल ने भी पोस्ट किया। इसके बाद निर्माण की गुणवत्ता और कथित भ्रष्टाचार को लेकर कई सवाल उठे, हालांकि इन आरोपों की किसी सरकारी एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है।
एनएचएआई ने स्पष्ट किया कि इस घटना को लेकर अलग से किसी जांच का प्रस्ताव नहीं है। विभाग के अनुसार यह एक सामान्य तकनीकी खामी थी, जिसे तुरंत ठीक कर दिया गया।
करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा का समय कम होने और ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।