लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ में नौकरी की तलाश में फंसी लड़कियों को बचाने वाली NGO संचालिका रिशा तुफैल को लगातार धमकियां मिल रही हैं। फोन पर उन्हें फतवा जारी करने की बात कही जा रही है और कहा जा रहा है कि उनके आरोप गलत हैं, लेकिन रिशा ने हिम्मत नहीं हारी है।
जानकारी के अनुसार, गोमतीनगर के एक पॉश इलाके में कमरू जमाल नामक युवक, जो हिंदू (राहुल) बनकर कैफे चलाता है, पिछले 4-5 साल से कई लड़कियों को अपने जाल में फंसा रहा था। NGO की मदद से कुछ लड़कियां थाने पहुंच गईं। रिशा ने बताया कि कैफे में धर्मांतरण के गुरु छांगुर की तस्वीर लगी थी, जो अब हटा दी गई है।
रिशा तुफैल का कहना है कि इस मामले में लगभग 17 लड़कियां फंसी हुई हैं और उन्हें जल्द ही रेस्क्यू किया जाएगा। अभी 3-4 लड़कियों को तुरंत बचाना बेहद जरूरी है। कैफे संचालकों ने चिनहट इलाके में किराये का कमरा ले रखा है, जहां लड़कियों को रिश्तेदार बनाकर रखा जाता है। ब्राउन गर्ल कैफे को प्रियंका पांडेय और कमरू जमाल चला रहे हैं।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद किए हैं, जिससे सबूत मिल सकते हैं। हालांकि रिशा तुफैल का आरोप है कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही। NGO संचालिका ने बताया कि कई लड़कियां पढ़ाई या नौकरी के लिए बाहर गई थीं, लेकिन उनके परिवार से संपर्क टूट गया। रिशा और उनकी टीम ने कई बार थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई और लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की।
रिशा तुफैल ने कहा, "लड़कियों को बाहर निकालना मेरा मकसद है। फतवा या धमकियों से मैं डरने वाली नहीं हूं। अब भी कई लड़कियां वहां फंसी हुई हैं, उन्हें रेस्क्यू करना मेरी प्राथमिकता है।"