लखनऊ न्यूज डेस्क: ऊर्जा संरक्षण और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच संसाधन बचत की पहल करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय ने बुधवार से अगली सूचना तक पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने का फैसला किया है। इस निर्णय के साथ विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय बन गया है जिसने ऐसी व्यवस्था अपनाई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, शनिवार अवकाश रहने के बावजूद शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए नई समय-सारिणी लागू की गई है। रजिस्ट्रार भावना मिश्रा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अब कक्षाएं और कार्यालय प्रतिदिन एक घंटा अतिरिक्त चलेंगे, ताकि कामकाज की भरपाई हो सके।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि नियमित प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों पर यह व्यवस्था तुरंत प्रभाव से लागू होगी, लेकिन परीक्षाएं पहले से जारी कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होंगी। छात्रों को अपनी परीक्षा तिथि और समय में किसी बदलाव की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा चुनौतियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। वहीं प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने कहा कि इस बदलाव से कक्षाएं प्रभावित किए बिना कार्बन फुटप्रिंट और ईंधन खपत कम करने में मदद मिलेगी।