लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के वजीरगंज स्थित लाल मस्जिद इलाके में 16 साल पुराने SA अपार्टमेंट के पिलर में खराबी और दीवारों में दरारें मिलने के बाद LDA ने बिल्डिंग को सील कर दिया है। सोमवार को यहां रहने वाले 25 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। अब मंगलवार से आसपास की दूसरी बहुमंजिला इमारतों की भी जांच की तैयारी शुरू कर दी गई है। रियाज मंजिल, अवध अपार्टमेंट, अंबिका अपार्टमेंट और हलीफ मेनोर समेत कई इमारतों को जांच के दायरे में रखा गया है।
अपार्टमेंट के कमजोर हिस्से को फिलहाल जैक लगाकर सहारा दिया जा रहा है। LDA की निगरानी में सोमवार रात से यह काम शुरू हुआ और अलग-अलग जगहों पर भारी क्षमता वाले जैक लगाए जा रहे हैं। ठेकेदार के मुताबिक, प्रभावित हिस्सा करीब 12 मीटर का है और इसे संभालने के लिए कई जैक लगाए जा रहे हैं। एक जैक करीब 90 टन तक वजन संभाल सकता है। इसका मकसद बिल्डिंग को अचानक होने वाले नुकसान से बचाना और अंदर रखा लोगों का सामान सुरक्षित तरीके से बाहर निकालना है।
अब SA अपार्टमेंट की पूरी तकनीकी जांच कराई जाएगी। LDA ने बिल्डिंग की रिट्रोफिटिंग से जुड़ा काम PWD और सेतु निगम को सौंपा है। तकनीकी टीम पहले बिल्डिंग की मौजूदा स्थिति का आकलन करेगी और उसके बाद तय होगा कि इसे किस तरीके से मजबूत किया जा सकता है। सोमवार को पिलर का एक हिस्सा टूटने के बाद दीवारों में दरारें आ गई थीं और बिल्डिंग में तेज कंपन महसूस हुआ था। इससे वहां रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी। कई परिवारों को कुछ समय तक लगा कि शायद भूकंप आया है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के साथ SDRF और NDRF की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और बिल्डिंग के आसपास बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी गई। जिलाधिकारी ने भी मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों को जरूरत पड़ने पर रैन बसेरों में ठहराने का भरोसा दिया। LDA के मुताबिक, इस अपार्टमेंट का नक्शा पास कराने के लिए शाहबुद्दीन ने 25 मई 2009 को आवेदन किया था और 12 अगस्त 2009 को परमिट नंबर 26520 के तहत नक्शा स्वीकृत हुआ था। निवासी मोहम्मद इसरार ने बताया कि पिलर टूटने के वक्त उनकी पत्नी बालकनी में थीं और हिस्सा हिलने से वह गिरने से बाल-बाल बचीं।