लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के रहीमाबाद इलाके में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। खड़ौहा गांव में एक बेटे पर आरोप है कि उसने पिता की मौत के बाद अंतिम संस्कार से पहले उनके शव के अंगूठे के निशान सादे कागजों पर लगवाए, ताकि करीब 3 करोड़ रुपये की जमीन अपने नाम कराई जा सके। इस काम में उसने अपने चचेरे भाई की भी मदद ली। घटना का वीडियो वहां मौजूद ग्रामीणों ने बना लिया था, जो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है।
परिजनों के मुताबिक, 75 वर्षीय छत्रपाल का अपने बेटे महेंद्र और बहू लक्ष्मी से लंबे समय से विवाद चल रहा था। बड़ी बेटी सुमन का आरोप है कि दोनों बुजुर्ग माता-पिता के साथ अभद्र व्यवहार करते थे और मारपीट भी करते थे। साल 2023 में महेंद्र ने कथित तौर पर अपने माता-पिता को घर से निकाल दिया था, जिसके बाद छत्रपाल अपनी बेटी सुमन के साथ रहने लगे। बाद में बेटे को संपत्ति से बेदखल करने की सार्वजनिक सूचना भी दी गई और पिता ने अपनी करीब साढ़े छह बीघा जमीन में से एक-एक बीघा तीनों बेटियों के नाम करने की बात कही थी।
सुमन के मुताबिक, 7 जुलाई को पिता की तबीयत खराब होने पर महेंद्र को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद वह अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों के साथ पहुंचा और बेहतर इलाज कराने की बात कहकर पिता को अपने साथ ले गया। आरोप है कि इसके तीन दिन बाद 9 जुलाई को छत्रपाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अंतिम संस्कार के दौरान भी बेटे और उसके ससुराल वालों पर तीनों बहनों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी करने का आरोप लगाया गया है।
परिजनों का आरोप है कि अंतिम संस्कार की रस्मों के बीच महेंद्र ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर मृत पिता की उंगलियां पकड़कर सादे कागजों पर अंगूठे के निशान लगवाए। बताया जा रहा है कि मकसद करीब 3 करोड़ रुपये की जमीन को अपने नाम कराने का था। ग्रामीणों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब वायरल हो रहा है। बेटियों की शिकायत के बाद पुलिस वीडियो और पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।