लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में गुरुवार से तीन दिवसीय आम महोत्सव की शुरुआत होगी, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। 5 जुलाई तक चलने वाले इस महोत्सव में उत्तर प्रदेश समेत सात राज्यों के 900 से अधिक प्रगतिशील बागवान, उत्पादक और निर्यातक हिस्सा लेंगे। आगंतुक यहां देशभर की दुर्लभ और लोकप्रिय आम की 800 किस्मों का स्वाद लेने के साथ उनके पौधों और उन्नत तकनीकों की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।
उद्यान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि महोत्सव में सात श्रेणियों और 56 वर्गों के अंतर्गत आम की 800 प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा। 4 जुलाई को जनभवन में आम के क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन भी होगा, जिससे बागवानों को नए बाजार और निर्यात के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इस आयोजन में मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के बागवान भी भाग लेंगे।
महोत्सव के दौरान बच्चों के लिए आम खाने और आम से बने व्यंजनों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा उन्नत बागवानी तकनीक, तुड़ाई के बाद फल प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा विपणन से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों की कार्यशालाएं भी होंगी, ताकि किसानों और बागवानों को आधुनिक जानकारी मिल सके।
प्रदेश में वर्तमान में 3.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 61.96 लाख टन आम का उत्पादन होता है, जो देश के कुल उत्पादन का 26.22 प्रतिशत है। दशहरी, लंगड़ा, चौसा, लखनऊ सफेदा, रटौल और आम्रपाली जैसी किस्में देश-विदेश में अपनी पहचान बना चुकी हैं। सरकार ने लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी और अमरोहा में मैंगो पैक हाउस स्थापित किए हैं, जबकि जेवर एयरपोर्ट के पास आधुनिक टेस्टिंग और ट्रीटमेंट सेंटर विकसित किया जा रहा है। साथ ही बागवानों को फल बैग वितरण और पुराने बागों के कैनोपी प्रबंधन पर 40 प्रतिशत तक अनुदान भी दिया जा रहा है।