लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन स्थित एक निजी अस्पताल में बुजुर्ग महिला के गलत घुटने की सर्जरी किए जाने का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि महिला को बाएं घुटने के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन 11 सितंबर को ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने दाएं घुटने की सर्जरी कर दी। परिजनों को ऑपरेशन के बाद इस गलती की जानकारी हुई।
परिवार के मुताबिक, महिला के इलाज पर करीब 2.5 लाख रुपये का खर्च आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर हुआ था, जबकि इलाज के दौरान उन्होंने करीब 70 हजार रुपये अतिरिक्त नकद दिए। 14 सितंबर को महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ के सामने गलत घुटने की सर्जरी का मुद्दा उठाया।
परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने अस्पताल से इस बारे में सवाल किए तो उन्हें मामला सार्वजनिक नहीं करने के लिए दबाव दिया गया और कथित तौर पर धमकी भी दी गई। इसके बाद परिवार ने पुलिस, मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय और उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उसे घटना की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मिली थी, लेकिन बयान के समय तक परिवार या अस्पताल की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली थी।
मामले का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल को नोटिस जारी किया है। नर्सिंग होम और अस्पताल से जुड़े मामलों को देखने वाले अधिकारी के मुताबिक, अस्पताल से सर्जरी और मरीज के इलाज से संबंधित रिकॉर्ड मांगा गया है। अस्पताल को यह बताने के लिए कहा गया है कि ऑपरेशन के दौरान ऐसी स्थिति कैसे हुई और संबंधित मेडिकल दस्तावेज भी उपलब्ध कराए जाएं। अधिकारियों ने कहा कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, गोमती नगर एक्सटेंशन पुलिस ने कहा है कि लिखित शिकायत मिलने के बाद आरोपों की जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।