लखनऊ न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित विकास खंड के सुभाष पार्क में उस समय अफरातफरी मच गई, जब वहाँ लगे 250 केवीए (KVA) के एक नए ट्रांसफार्मर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते ट्रांसफार्मर से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। घटना की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग ने तुरंत क्षेत्र का शटडाउन लिया और मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ी ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि अभियंताओं ने महज 50 मिनट के भीतर वैकल्पिक ट्रांसफार्मर से आपूर्ति चालू कर उपभोक्ताओं को राहत दी, जबकि यह नया ट्रांसफार्मर ओवरलोड भी नहीं था।
इसी दौरान लखनऊ के अन्य इलाकों में भी बिजली संकट ने लोगों को खासा परेशान किया। न्यू अमीनाबाद उपकेंद्र के तहत आने वाले चिकमंडी महिला कॉलेज, इंद्रा मार्केट और कच्चा हाता क्षेत्र में शुक्रवार रात एबीसी (ABC) केबल जलने से बत्ती गुल हो गई, जिसे आधे घंटे में ठीक किया गया। इसके अलावा, मिश्रा कोचिंग सेंटर और अमेठी हाउस के पास भी रात करीब 8:35 बजे केबल जलने के कारण बिजली आपूर्ति ठप हुई, जिसे रात 9 बजे तक बहाल किया जा सका।
उधर आलमबाग के रामगढ़ी इलाके में गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टला। अधिशासी अभियंता अभिषेक कुशवाहा के मुताबिक, क्षेत्र से निकल रहे एक जुलूस के दौरान छोड़े गए पटाखों और पीएनजी (PNG) गैस रिसाव के संयोजन से एलटी पैनल जलकर राख हो गया। सुरक्षा के लिहाज से गैस और बिजली आपूर्ति को तुरंत रोककर जांच शुरू की गई और कुछ ही घंटों में एक वैकल्पिक सर्किट के जरिए बिजली चालू कर दी गई।
इस बीच, कानपुर रोड स्थित रामगढ़ कॉलोनी के निवासियों ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय उपभोक्ताओं और एडवोकेट बीरपाल सिंह का आरोप है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में 3 से 8 घंटे की अघोषित बिजली कटौती हो रही है, जिससे लोगों को रतजगा करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि 25 जून को पूरी रात बत्ती गुल रहने से घरों के इन्वर्टर तक डिस्चार्ज हो गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस संकट की मुख्य वजह इलाके में बिछाई गई भूमिगत (underground) केबल का पिछले कई दिनों से खराब होना है, जिसे दुरुस्त नहीं किया जा रहा है।