लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के दक्षिण और पश्चिम इलाकों के बीच सफर करने वाले लगभग छह लाख लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केसरी खेड़ा रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है और 28 जून से इस पर आवागमन शुरू होने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने गर्डर रखने का महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
परियोजना की मुख्य बातें:
समय सीमा: अगले सप्ताह से शटरिंग और उसके बाद कंक्रीट का काम शुरू होगा। कंक्रीट के मजबूत होते ही पहले दोपहिया वाहनों और फिर चार पहिया वाहनों के लिए ब्रिज खोल दिया जाएगा।
लागत और लंबाई: 910.671 मीटर लंबे इस दो-लेन आरओबी का निर्माण 8400.52 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है।
इन इलाकों को होगा सीधा फायदा: कृष्णा नगर, विजय नगर, केसरीखेड़ा, नरायनपुरी, कनौसी, पारा, अलीनगर, सुनहरा, आलमबाग और ट्रांसपोर्ट नगर के निवासियों को अब घंटों लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी।
महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग:
इस आरओबी के चालू होने से लखनऊ-कानपुर मार्ग का सीधा संपर्क कृष्णा नगर के जरिए लखनऊ-हरदोई और लखनऊ-मोहान मार्ग से हो जाएगा। वर्तमान में रेलवे क्रॉसिंग बार-बार बंद होने के कारण इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती थी, जिससे अब निजात मिल जाएगी।
निर्माण की चुनौतियां और रेलवे का सहयोग:
मकान का विवाद: काम की शुरुआत में एक निजी मकान के कारण कुछ देरी हुई थी, लेकिन भवन स्वामी द्वारा खुद मकान हटाने के बाद काम ने गति पकड़ी।
रेलवे का हिस्सा: खास बात यह है कि रेलवे ट्रैक के ऊपर का काम भी आपसी सहमति के बाद सेतु निगम ने ही किया है, जिसके लिए रेलवे ने पूरा बजट निगम को सौंप दिया था।
गर्डर की स्थापना: हाल ही में क्रेन की मदद से 52.910 मीटर लंबे गर्डर रखे गए हैं। स्लैब ढालने के दौरान ट्रेनों के संचालन को आंशिक रूप से नियंत्रित किया जाएगा।
वर्तमान में लोगों को रेलवे क्रॉसिंग के किनारे बनी 300 मीटर की अस्थायी सड़क का उपयोग करना पड़ रहा है, लेकिन जून के अंत तक यह परेशानी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।