लखनऊ न्यूज डेस्क: भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) लखनऊ ने पारिवारिक कारोबार से जुड़े लोगों के लिए दो साल का एमबीए प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की है। इस कोर्स को खास तौर पर उन बिजनेस मालिकों और परिवार की अगली पीढ़ी के लोगों के लिए तैयार किया गया है, जो अपने कारोबार को आगे बढ़ाना चाहते हैं। प्रोग्राम के जरिए छात्रों को मैनेजमेंट, लीडरशिप और बिजनेस की रणनीति से जुड़ी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने पारिवारिक कारोबार को बेहतर तरीके से संभाल सकें और उसका विस्तार कर सकें।
इस एमबीए प्रोग्राम का पहला बैच जुलाई 2027 में शुरू होगा। संस्थान के मुताबिक, एडमिशन के लिए आवेदन दो चरणों में लिए जाएंगे। पहले चरण में आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2026 है, जबकि दूसरे चरण के लिए 2 अप्रैल 2027 तक फॉर्म भरे जा सकेंगे। इच्छुक उम्मीदवार आईआईएम लखनऊ की आधिकारिक वेबसाइट iiml.ac.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को कोर्स की पात्रता और एडमिशन से जुड़ी शर्तों की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
महीने में सात दिन नोएडा कैंपस में होगी पढ़ाई
दो साल का यह कोर्स कैंपस में मॉड्यूलर फॉर्मेट में चलाया जाएगा। इसमें शामिल होने वाले लोगों को हर महीने करीब सात दिनों के लिए आईआईएम लखनऊ के नोएडा कैंपस जाना होगा। कोर्स में पारिवारिक कारोबार से जुड़े कई अहम विषय पढ़ाए जाएंगे। इनमें फैमिली एंटरप्राइज की बुनियादी समझ, कारोबार चलाने के नियम और व्यवस्था, बिजनेस बढ़ाने की रणनीति, परिवार के कारोबार में लीडरशिप, अगली पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपना, कानूनी और नियामक नियमों की जानकारी और नए बिजनेस में निवेश जैसे विषय शामिल हैं। इसका मकसद कारोबार बढ़ाने, सही फैसले लेने और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक बिजनेस की जिम्मेदारी पहुंचाने जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद करना है।
छह फैमिली बिजनेस लैब के जरिए मिलेगी व्यावहारिक सीख
इस प्रोग्राम में छह फैमिली बिजनेस लैब भी होंगी। छह ट्राइमेस्टर में हर बार एक लैब आयोजित की जाएगी। इनके जरिए प्रतिभागियों को अपने कारोबार की स्थिति समझने, भविष्य की दिशा तय करने, उत्तराधिकार की योजना बनाने, नेतृत्व की जिम्मेदारी बदलने, नए आइडिया पर काम करने और नए कारोबार में निवेश जैसे पहलुओं पर ध्यान देने का मौका मिलेगा। इन गतिविधियों से प्रतिभागी अपने मौजूदा बिजनेस की कमियों और सुधार की जरूरतों को पहचान सकेंगे। इसके अलावा, कोर्स में सिमुलेशन और केस स्टडी का भी इस्तेमाल होगा, ताकि प्रतिभागी वास्तविक कारोबारी परिस्थितियों को समझकर मैनेजमेंट से जुड़ी सीख को अपने काम में लागू कर सकें।