लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ में बढ़ते गोमती नदी के जलस्तर ने अब शहर के पॉश इलाकों में भी परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार शाम नदी का पानी शहीद पथ तक पहुंच गया और फीनिक्स पलासियो मॉल की तरफ जाने वाली सर्विस लेन पूरी तरह डूब गई। इसके बाद इस रास्ते पर आवाजाही बंद करनी पड़ी। इकाना स्टेडियम, पलासियो मॉल और गोमती नगर एक्सटेंशन के आसपास भी जलभराव से लोगों को दिक्कत हो रही है। बुधवार शाम गोमती का जलस्तर 107.24 मीटर दर्ज किया गया, जो 108.5 मीटर के खतरे के निशान से थोड़ा नीचे था।
बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए नगर निगम ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम तेज कर दिया है। जोन-6 के सैथा और जोन-3 के लोहरामऊ, फैजुल्लागंज, दाउद नगर और मिल्लत नगर में टीमें लगाई गई हैं। 35 परिवारों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है, जबकि 26 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। प्रभावित इलाकों में 20 पानी के टैंकर और 10 हजार लीटर पैकेज्ड पानी पहुंचाया गया है। साथ ही 12 अस्थायी रैन बसेरे बनाए गए हैं और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 90 नावें लगाई गई हैं।
जलभराव के बाद बीमारियों को रोकने के लिए भी अभियान शुरू किया गया है। करीब 250 सफाईकर्मी प्रभावित इलाकों में काम कर रहे हैं, जबकि लगभग 150 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के जरिए एंटी-लार्वा का छिड़काव किया गया है। मैनुअल और बड़ी मशीनों से फॉगिंग भी कराई जा रही है। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय को अस्थायी राहत सामग्री केंद्र बनाया गया है। वहीं, स्थानीय निवासी सचिन सहाय ने बताया कि पलासियो मॉल के पास उनकी कार के पहिए लगभग पानी में डूब गए थे और उन्हें परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता होने लगी थी।
गोमती के बढ़ते पानी को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने जलभराव का वीडियो शेयर करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के चलते नालियां और सीवर जाम हैं। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अलग-अलग विभागों के इंजीनियरों की सलाह ली जाती तो लखनऊ में ऐसे हालात नहीं बनते। कांग्रेस ने भी फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री बांटने की बात कही है। वहीं, हालिया रिपोर्टों के मुताबिक लखनऊ में बाढ़ की मुख्य वजह ऊपरी इलाकों में हुई भारी बारिश का पानी गोमती के जरिए नीचे की ओर आना है।