लखनऊ न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री नानक राम भुर्जी की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। उनके बेटे उत्तम गुप्ता ने पिता की मौत को हत्या बताते हुए बसपा विधायक हंसू राम के प्रतिनिधि आरिफ और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
भाजपा नेता और ओबीसी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री नानक राम भुर्जी की मंगलवार को लखनऊ स्थित दारुलशफा विधायक आवास की सातवीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उन्हें गंभीर हालत में सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बुधवार को हजरतगंज पुलिस को दी गई शिकायत में उत्तम गुप्ता ने आरोप लगाया कि उनके पिता विधायक आवास पर गए थे और उन्होंने आरिफ से कॉफी बनाने को कहा था। आरोप है कि इसी दौरान आरिफ और उसके साथियों ने उनके पिता को पकड़कर सातवीं मंजिल से नीचे धक्का दे दिया।
वहीं, एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, नानक राम भुर्जी की मौत कई जगह फ्रैक्चर होने से हुए अत्यधिक रक्तस्राव और शॉक के कारण हुई। दूसरी ओर, परिजनों ने भी घटना पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
भुर्जी के भाई और पूर्व विधायक अरुण गुप्ता ने भी मामले की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना से पहले नानक राम भुर्जी किन लोगों के संपर्क में थे, इसका पता लगाने के लिए उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जानी चाहिए।
पुलिस ने इससे पहले बताया था कि नई दारुलशफा इमारत में नानक राम भुर्जी को कोई कमरा आवंटित नहीं था। साथ ही प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया था कि वह कुछ समय से अवसाद (डिप्रेशन) से जूझ रहे थे। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।