लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस हादसे में 15 लोगों की मौत पर गहरा दुख जताते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी के कारण इतनी बड़ी त्रासदी हुई। अखिलेश यादव ने कहा कि इस मामले में जारी किए गए एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि लखनऊ में इस तरह की घटनाएं पहली बार नहीं हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन अधिकारियों ने भवन और संस्थानों को अनुमति दी, उन्होंने सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की। उनका आरोप है कि भ्रष्टाचार के चलते नियमों को दरकिनार किया गया, जिसका खामियाजा मासूम लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस हादसे में बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा युवक-युवतियां और प्रशिक्षण लेने वाले लोग अपनी जान गंवा बैठे।
सपा प्रमुख ने पीड़ित परिवारों के दर्द का जिक्र करते हुए कहा कि कई बच्चे आग लगने के दौरान अपने परिजनों को फोन कर मदद की गुहार लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने बच्चे को खोना सबसे बड़ा दुख होता है और यह हादसा बेहद हृदयविदारक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
वहीं पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस तीन मंजिला भवन में आग लगी, वहां पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास और धुआं बाहर निकालने की व्यवस्था नहीं थी। एफआईआर के अनुसार भवन में पेट शॉप, पेट क्लीनिक, वीडियो गेमिंग जोन, एनीमेशन सेंटर और आईटी नेटवर्किंग कार्यालय संचालित हो रहे थे। मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने घटना की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जो सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।