लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ में नीट की तैयारी कर रहे 17 साल के एक छात्र ने ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान हुए कर्ज को चुकाने के लिए अपने ही अपहरण और मौत की झूठी कहानी रच दी। उसने परिवार से 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी। बेटे की सुरक्षा को लेकर परेशान पिता ने 3 लाख रुपये जुटाने की व्यवस्था भी कर ली थी। हालांकि, पुलिस की जांच में पूरा मामला सामने आ गया। जिस बेटे को परिवार अपहृत या मृत समझ रहा था, वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सुरक्षित मिला।
यह मामला लखनऊ का है। 20 अक्टूबर को रात 9 बजे के बाद किशोर घर से लापता हो गया था। इसके बाद उसकी मां ने पारा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। छात्र के पिता दिल्ली में एक निजी कंपनी में काम करते हैं। पुलिस के मुताबिक, घर से निकलने के बाद किशोर ने अपने मोबाइल से सिम कार्ड निकाल दिया और वाई-फाई की मदद से अपनी मां, पिता और चाचा को व्हाट्सऐप पर अपहरण का मैसेज भेजा।
परिवार पर दबाव बनाने के लिए उसने बदली हुई आवाज में एक वॉइस नोट भी भेजा और 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी। इसके कुछ समय बाद उसने परिवार को यह भी बताया कि उसकी मौत हो गई है। इस तरह उसने घरवालों को यह यकीन दिलाने की कोशिश की कि उसका अपहरण हो गया है और अब उसकी जान भी नहीं बची। लेकिन पुलिस की जांच में पता चला कि अपहरण और मौत की पूरी कहानी खुद किशोर ने ही बनाई थी। पुलिस ने उसे उसकी गर्लफ्रेंड के साथ सुरक्षित बरामद कर लिया और परिवार को इसकी जानकारी दी।
डीसीपी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, किशोर को ऑनलाइन गेम खेलने की लत थी। वह पहले गेम में करीब 70 हजार रुपये हार गया था, जिसकी भरपाई उसके परिवार ने की थी। इसके बावजूद उसने गेम खेलना जारी रखा और करीब 50 हजार रुपये और गंवा दिए। बार-बार पैसे मांगने पर जब परिवार ने रुपये देना बंद कर दिया, तो उसने कर्ज चुकाने के लिए अपने ही अपहरण की झूठी साजिश रच डाली।