लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ पुलिस ने अंतरराज्यीय सोना तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह खाड़ी देशों से लौटने वाले भारतीयों को लालच देकर उनके जरिए शरीर के भीतर छिपाकर सोना भारत मंगवाता था। इसके बाद एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही उनसे तस्करी का सोना ले लिया जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बलरामपुर निवासी दीपक वर्मा, जो फिलहाल लुधियाना में रह रहा था, और राम प्रताप दुबे के रूप में हुई है। वहीं, मामले में महबूब आलम नाम के व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस और कस्टम विभाग उससे पूछताछ के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
डीसीपी (दक्षिण) मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से करीब 203.92 ग्राम सोने का पाउडर बरामद किया गया है, जिसकी कीमत लगभग 30 लाख रुपये आंकी गई है। यह सोना एक ऐसे कूरियर से कथित तौर पर छीना गया था, जो दुबई से लखनऊ आया था।
पुलिस के अनुसार, गिरोह विदेश में रहने वाले भारतीयों को मुफ्त शॉपिंग, नकद पैसे और हवाई टिकट का लालच देकर भारत लौटते समय सोना लाने के लिए तैयार करता था। सोना शरीर के अंदर कैप्सूल में छिपाकर लाया जाता था, ताकि जांच से बचा जा सके।
मामले का खुलासा तब हुआ जब बलिया निवासी महबूब आलम ने 3 अगस्त को सरोजनीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि 27 जुलाई को दुबई से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने उसे अपनी कार में बैठा लिया। बाद में उसे आलमबाग के पास उतार दिया गया। इस दौरान उसका ट्रॉली बैग, पासपोर्ट, कपड़े और सोने का कैप्सूल गायब था।
शिकायत के बाद पुलिस की कई टीमों ने जांच शुरू की। करीब 100 से 130 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर दीपक वर्मा और राम प्रताप दुबे को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्य अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
पूछताछ में एक चौंकाने वाली बात भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को केवल सोने की खेप लेने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने लालच में आकर पूरे सोने पर खुद ही कब्जा करने की साजिश रच ली। पुलिस का दावा है कि गिरोह के तार उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान समेत कई राज्यों से जुड़े हैं और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।