लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के दुबग्गा इलाके में सोमवार को 40 वर्षीय कारोबारी धीरेंद्र प्रताप सिंह का गोलियों से छलनी शव नहर के पास मिलने से हड़कंप मच गया। धीरेंद्र मूल रूप से उन्नाव के रहने वाले थे और पिछले कई साल से लखनऊ में ट्रांसपोर्ट और रियल एस्टेट का कारोबार कर रहे थे। पुलिस ने मामले में उनके ड्राइवर रवि तिवारी और उसके एक साथी को हिरासत में लिया है। कारोबारी की SUV भी जब्त की गई है, जिसमें खून के निशान मिलने की बात सामने आई है।
धीरेंद्र की पत्नी ने रविवार को पुलिस में शिकायत देकर बताया था कि उनके पति शनिवार को घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। पत्नी ने ड्राइवर रवि तिवारी पर शक जताया। उनका कहना है कि जब उन्होंने ड्राइवर को फोन किया तो उसने बताया कि धीरेंद्र अपने दोस्तों के साथ हैं। कई बार कोशिश करने के बावजूद ड्राइवर ने उनकी बात धीरेंद्र से नहीं कराई। इसके बाद ड्राइवर ने फोन उठाना भी बंद कर दिया, जिससे पत्नी का शक और गहरा गया।
पुलिस की पूछताछ में ड्राइवर ने दावा किया कि वह शनिवार शाम धीरेंद्र को खरीदारी कराने और लखनऊ में कई दूसरी जगहों पर लेकर गया था। हालांकि, पुलिस ने जब बताए गए स्थानों के CCTV फुटेज खंगाले तो ड्राइवर की बात और फुटेज में अंतर मिला। पुलिस को यह भी पता चला है कि धीरेंद्र का उन्नाव में एक जमीन को लेकर दूसरे पक्ष से विवाद चल रहा था। अब जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इसी विवाद की वजह से हत्या तो नहीं की गई।
पुलिस को आशंका है कि धीरेंद्र को SUV के अंदर ही गोली मारी गई और इसके बाद शव को दुबग्गा इलाके में नहर के पास फेंक दिया गया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार है। लखनऊ साउथ के DCP मोहम्मद मुश्ताक के मुताबिक मामले की जांच के लिए छह टीमें बनाई गई हैं, जो CCTV, सर्विलांस और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों की मदद से घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही हैं और हत्या में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही हैं।