लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के गोमती नगर में घटित दिल दहला देने वाले दोहरे हत्याकांड और आत्महत्या के मामले में पुलिस जांच के बाद कई नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। 37 वर्षीय बैंक कर्मचारी दिव्या मिश्रा और उनकी ननद की हत्या के बाद आरोपी मानस बाजपेयी द्वारा खुद को गोली मारने की यह पूरी खौफनाक वारदात महज दो घंटे के भीतर अंजाम दी गई।
जांच अधिकारियों के अनुसार, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत मानस बाजपेयी दोपहर करीब 12:05 बजे आईसीआईसीआई बैंक की गोमती नगर शाखा के बाहर एक ऑटो में पहले से घात लगाकर बैठा हुआ था। जैसे ही उनकी पत्नी दिव्या अपनी कार से बैंक पहुंचीं, मानस ने उन्हें कार से बाहर खींचकर मारपीट की और गोली मार दी। इसके बाद आरोपी अपनी कार से करीब 2 किलोमीटर दूर हुसड़िया स्थित अपने घर पहुंचा, जहां उसने हनुमान चालीसा की तेज आवाज बजाकर पहले अपनी 33 वर्षीय बहन की हत्या की और फिर खुद को भी गोली मारकर जीवन लीला समाप्त कर ली।
वारदात का घटनाक्रम (Timeline of Events)
दोपहर 12:05 बजे: दिव्या मिश्रा अपने सहकर्मी के साथ आईसीआईसीआई बैंक शाखा पहुंचीं।
दोपहर 12:05 से 12:20 बजे: बैंक के बाहर इंतजार कर रहे मानस ने दिव्या पर हमला कर उन्हें गोली मार दी और कार से मौके से फरार हो गया।
दोपहर 12:30 बजे: मानस हुसड़िया स्थित अपने घर पहुंचा और व्हाट्सएप स्टेटस पर पत्नी के धोखे से जुड़ा संदेश पोस्ट किया।
दोपहर 01:26 से 01:45 बजे: घटना की सूचना मिलने पर पुलिस जब दूसरे अपराध स्थल (मानस के घर) पहुंची, तो वहां तीन अवैध हथियार बरामद हुए और दोनों के शव मिले।
विवाद की पृष्ठभूमि और पुलिस जांच
मृतका दिव्या की बहन और पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि दिव्या और मानस नवंबर 2025 से अलग रह रहे थे और पारिवारिक अदालत में तलाक व दहेज वापसी का मामला विचाराधीन था। इसके बावजूद दोनों संपर्क में थे और हाल ही में दिव्या ने मानस के लिए तीज का व्रत भी रखा था, जिससे यह घटना बेहद अप्रत्याशित लग रही है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने आत्महत्या से पहले अपने व्हाट्सएप स्टेटस में पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए अपनी बहन और खुद की जान लेने की बात लिखी थी। पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) दीक्षा शर्मा ने बताया कि बरामद तीनों अवैध हथियारों को जब्त कर लिया गया है और वायरल व्हाट्सएप संदेश तथा घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।