लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ पुलिस ने नाबालिग लड़कियों को झांसा देकर राजस्थान में शादी के नाम पर बेचने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर, अनाथ या असहाय नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाता था और उन्हें बेहतर जिंदगी या परिवार से मिलवाने का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब मोहनलालगंज क्षेत्र के गनिहार गांव से 16 और 12 वर्ष की दो बहनों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई। लड़कियों की दादी ने आरोप लगाया था कि एक रिश्तेदार किशोर और उसकी सहयोगी प्रिया पटेल उन्हें उनकी मां से मिलवाने के बहाने अपने साथ ले गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर चार विशेष टीमें गठित कीं और करीब 150 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद 18 मई को दोनों लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लड़कियों को पहले रायबरेली ले जाकर नए कपड़े दिलाए और उनकी तस्वीरें राजस्थान के कोटा में रहने वाले अपने सहयोगियों को भेजीं। इसके बाद कथित तौर पर शादी के नाम पर सौदेबाजी की जाती थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी प्रिया पटेल उर्फ शीला, अनुराग यादव और मोहम्मद अख्तर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को निशाना बनाते थे और प्रत्येक लड़की की शादी तय कराने के बदले एक से डेढ़ लाख रुपये तक प्राप्त करते थे।
पुलिस ने 3 जून को अतरौली क्रॉसिंग के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह पहले भी रायबरेली की दो बहनों को राजस्थान भेज चुका था। मामले में राजस्थान स्थित सहयोगियों सोनम और भूपेंद्र चौधरी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किए गए दो चार पहिया वाहन भी बरामद किए हैं और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।