लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान रोड पर रहने वाले 35 वर्षीय महेश निषाद ने आत्महत्या कर ली। महेश बीते चार सालों से अलीगंज में रहने वाले एक जज के घर रसोइया था। होली के बाद जज के घर से साढ़े छह लाख रुपये चोरी हो गए, और इस चोरी का आरोप महेश पर लगा। जज ने उसे बुलाया, लेकिन शराब के नशे में होने के कारण वह नहीं गया। अगले दिन जज खुद महेश के घर पहुंचे और उसकी पत्नी कविता के साथ उसे अपने घर ले गए। कुछ देर बाद कविता को वापस भेज दिया, लेकिन महेश रातभर घर नहीं लौटा। जब परिवार उसे तलाशते हुए जज के घर पहुंचा, तो पता चला कि उसे पुलिस को सौंप दिया गया है।
परिवारवालों ने थाने में पूछताछ की, लेकिन वहां महेश नहीं मिला। अगले दिन जब वे फिर जज के घर पहुंचे, तो महेश सर्वेंट क्वार्टर में घायल हालत में पड़ा मिला, उसके शरीर पर पिटाई के निशान थे। इसके बाद पुलिसवालों ने महेश को थाने लाया। महेश की पत्नी कविता का आरोप है कि जज की पत्नी लगातार उसे फोन कर प्रताड़ित कर रही थी और डेढ़ लाख रुपये देने का दबाव बना रही थी। इससे महेश मानसिक रूप से परेशान हो गया था।
बुधवार सुबह जब कविता चाय देकर पड़ोस में गई, तब महेश ने एक वीडियो और ऑडियो जज की पत्नी को भेजा और फिर फांसी लगाकर जान दे दी। महेश के परिवार में उसकी पत्नी के अलावा दो बच्चे शुभी (17) और आर्यन (13) हैं। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। आक्रोशित परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की।