लखनऊ न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 14 सालों से भारत में अवैध रूप से रह रहा था। आरोपी ने न केवल फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारतीय नागरिक के रूप में अपनी पहचान बनाई, बल्कि लखनऊ के पास एक गांव में जमीन भी खरीद ली थी। चूंकि भारतीय कानून के अनुसार विदेशी नागरिकों को भारत में जमीन या संपत्ति खरीदने की अनुमति नहीं है, इसलिए इस खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं और एक बड़े सिंडिकेट के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी का असली नाम अरूप बख्शी है और वह मूल रूप से बांग्लादेश के नरेल जिले का रहने वाला है। वह साल 2012 में अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत में दाखिल हुआ था और 2014 तक सीतापुर में एक डॉक्टर के साथ रहा। इसी दौरान उसने जालसाजी कर भारतीय पासपोर्ट, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज हासिल कर लिए। इन्हीं जाली कागजातों के आधार पर उसने बैंक खाता भी खुलवा लिया ताकि किसी को उस पर शक न हो।
साल 2014 में वह लखनऊ के बख्शी का तालाब (BKT) इलाके में आकर रहने लगा और स्थानीय निवासियों से अपनी असली पहचान छिपाकर एक सामान्य भारतीय की तरह जीवन जीने लगा। पुलिस के अनुसार, अरूप ने इन्हीं फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लखनऊ जिले के मम्पर बाना गांव में लगभग 800 वर्ग फुट जमीन भी खरीद डाली। लेकिन जांचकर्ताओं को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उन्हें पता चला कि अरूप बख्शी के पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं थी, इसके बावजूद वह इलाके में बकायदा एक क्लिनिक चला रहा था और लोगों का इलाज कर रहा था।
पुलिस ने आरोपी के पास से जाली आधार कार्ड, मोबाइल फोन और कई अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। उसके खिलाफ विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। लखनऊ पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या यह बांग्लादेशी नागरिक किसी अन्य संदिग्ध या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में भी संलिप्त था। पुलिस अब सीतापुर और लखनऊ में उसके संपर्कों की एक सूची तैयार कर रही है ताकि उस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके जिसने उसे ये जाली दस्तावेज बनवाने और अवैध रूप से संपत्ति खरीदने में मदद की थी।